अमित शाह रात्रि 11 बजे विशेष विमान से पहुंचेंगे रायपुर, डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस में होंगे शामिल

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रायपुर, 27 नवंबर । छत्तीसगढ़ में डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस 28 से 30 नवंबर तक चलेगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत देशभर से डीजी और आईजी शामिल होने जा रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अब 27 नवंबर की रात्रि 11 बजे विशेष विमान से रायपुर पहुंचेंगे और शुक्रवार सुबह डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे। कार्केट समेत सभी अधिकारियों को अलर्ट किया गया है। रायपुर एयरपोर्ट के अराइवल गेट को तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है क्योंकि वहां एक वीआईपी कार्यक्रम की तैयारी चल रही है। इस कार्यक्रम के लिए 400 टैक्सी बुक की गई हैं और लगभग 600 व्हीआईपी मेहमानों के आने की उम्मीद है। प्रोटोकॉल रिहर्सल भी पूरी हो चुकी है। देशभर के 236 डीजी रायपुर पहुंच चुके हैं। डीजीपी, सीओपी, आईजी, एडीजी, आईबी सहित कई सुरक्षा प्रमुख भी रायपुर पहुंचे हैं। एयरपोर्ट में अधिकारियों के लिए राज्य पुलिस सेवा के अफसरों की तैनाती की गई है। ट्रैफिक एआईजी संजय शर्मा एयरपोर्ट पर ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे हैं। अधिकारियों के रुकने के लिए 6 अलग-अलग स्पॉट्स बनाए गए हैं। नया रायपुर, न्यू सर्किट हाउस से सिविल लाइन सर्किट हाउस तक रुकने के स्पॉट बनाए गए हैं।अधिकारियों ने बताया कि भारतीय प्रबंधन संस्थान, नवा रायपुर में आयोजित सम्मेलन का उद्देश्य अब तक प्रमुख पुलिस चुनौतियों से निपटने में हुई प्रगति की समीक्षा करना और ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप ‘सुरक्षित भारत’ के निर्माण के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप की रूपरेखा तैयार करना है।‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में वामपंथी उग्रवाद, आतंकवाद निरोध, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था में फोरेंसिक विज्ञान एवं एआई के उपयोग जैसे प्रमुख सुरक्षा मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। प्रधानमंत्री विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान करेंगे।यह सम्मेलन देशभर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा प्रशासकों को राष्ट्रीय सुरक्षा के विविध मुद्दों पर खुले और सार्थक विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण संवादात्मक मंच प्रदान करता है। यह पुलिस बलों के सामने आने वाली परिचालन, अवसंरचनात्मक और कल्याण संबंधी चुनौतियों पर चर्चा के साथ-साथ अपराध से निपटने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आंतरिक सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए पेशेवर प्रथाओं के निर्माण और साझाकरण को भी सुगम बनाता है।प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस वार्षिक सम्मेलन में निरंतर गहरी रुचि दिखाई है और स्पष्ट चर्चाओं को प्रोत्साहित किया है। उन्‍होंने एक ऐसा माहौल तैयार किया है, जहां पुलिस व्यवस्था पर नए विचार उभर सकें। व्यावसायिक सत्र, विस्तृत बातचीत और विषयगत चर्चाएं प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण आंतरिक सुरक्षा और नीतिगत मामलों पर सीधे प्रधानमंत्री के साथ अपने विचार साझा करने का अवसर प्रदान करती हैं।वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में इस सम्मेलन के स्वरूप में निरंतर सुधार हुआ है, जिसमें देश भर के विभिन्न स्थानों पर इसका आयोजन भी शामिल है।

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यह सम्मेलन गुवाहाटी-असम, कच्छ के रण-गुजरात, हैदराबाद-तेलंगाना, टेकनपुर-ग्वालियर-मध्य प्रदेश, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (केवड़िया-गुजरात), पुणे-महाराष्ट्र, लखनऊ-उत्तर प्रदेश, नई दिल्ली, जयपुर-राजस्थान और भुवनेश्वर-ओडिशा में आयोजित किया जा चुका है।इस सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्य मंत्री, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख भाग लेंगे। नए और अभिनव विचारों को सामने लाने के लिए, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के गृह विभाग के प्रमुख और डीआईजी व एसपी स्तर के कुछ चुनिंदा पुलिस अधिकारी भी इस वर्ष सम्मेलन में भाग लेंगे।

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