धान कटाई के सीजन में गांव लौटीं पुष्पा नेताम, हाथों से काटा धान; मंत्री रामविचार नेताम भी दिखे खेतों में सक्रिय
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बलरामपुर, 22 नवंबर । छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम की पत्नी और जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष पुष्पा नेताम इन दिनों अपने पैतृक गांव सनवाल में कृषि कार्यों में हाथ बंटाते हुए नजर आ रही हैं। आमतौर पर रायपुर में रहने वाली पुष्पा नेताम हर वर्ष फसल के मौसम में गांव लौट आती हैं, जहां वे ग्रामीण महिलाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर धान की कटाई करती हैं। खेतों में हाथ से धान काटते हुए उनकी तस्वीरें गांव में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।ग्रामीण बताते हैं कि पुष्पा नेताम का खेती से यह जुड़ाव कोई नया नहीं है। वे बुआई से लेकर कटाई तक पूरे कृषि चक्र का हिस्सा बनती हैं। राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में व्यस्त रहने के बावजूद वे खेती-किसानी को परिवार की परंपरा मानकर खेतों में सक्रिय रहती हैं। स्थानीय महिलाएं कहती हैं कि पुष्पा नेताम की मौजूदगी से उन्हें काफी प्रोत्साहन मिलता है।इधर, कृषि मंत्री रामविचार नेताम भी अपने कार्यभार के बीच खेती से रिश्ता बनाए रखते हैं। रामानुजगंज विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान वे किसानों के साथ धान कटाई में शामिल हुए और धान काटने वाली मशीन स्वयं चलाते हुए देखे गए। ग्रामीणों का कहना है कि मंत्री नेताम को जब भी थोड़ा समय मिलता है, वे खेतों में पहुंच जाते हैं क्योंकि खेती उनके जीवन का बचपन से हिस्सा रही है।मंत्री नेताम ने आज शुक्रवार को बताया कि, खेती से उनका और उनके परिवार का संबंध पीढ़ियों पुराना है।

उन्होंने कहा, “कृषि हमारे लिए सिर्फ आज का काम नहीं, बल्कि विरासत है। धान बुवाई और कटाई का समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मेरी पत्नी हर साल इस दौरान गांव में रहकर खेतों में सक्रिय रहती हैं और मैं भी अपनी व्यस्तताओं के बीच थोड़ा समय निकालकर खेतों में जाने की कोशिश करता हूं।”खेती के मौसम में नेताम दंपति की सक्रियता ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गई है, और स्थानीय किसान इसे प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं।